तुम होकर भी नहीं हो

उस अधूरे लक्ष्य की ओर कदम तो बढ़े, पर आँखें खुली तो सपने टूटे. कि जहा हम थे खड़े वहाँ से ग़लतफहमी के बादल हटे. हम दोनो उस किताब का हिस्सा तो थे, पर तुम्हारा हमारे पन्ने तक का सफ़र कहा मुमकिन था. तुम हमारे दिल का अटूट हिस्सा तो थे, पर तुम्हारा – हमारा [...]

Advertisements